स्वास्थ्य और स्वच्छता पर निबंध | Essay on Health and Cleanliness in Hindi

नमस्कार दोस्तों! आप सभी का स्वागत है हमारे लेख में, हम आपके समक्ष स्वास्थ्य और स्वच्छता पर निबंध शेयर करने वाले हैं, यह निबंध आपके स्वास्थ्य के लिए भी मददगार हो सकता है तथा विद्यार्थियों के निबंध लेखन के लिए भी उपयोगी और महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति के लिए जरूरी होता है इसलिए यह लेख आप सभी के लिए ज्ञानवर्धक है इस लेख को आप सभी पढ़कर अपने जीवन में स्वास्थ्य और स्वच्छता पर ध्यान रख सकते हैं,

तो चलिए हम हमारे आज के लेख को शुरू करते हैं और स्वास्थ्य और स्वच्छता पर निबंध के माध्यम से स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी जानकारियों के बारे में विस्तार पूर्वक जानते हैं,

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर निबंध 1

प्रस्तावना

स्वास्थ्य और स्वच्छता एक दूसरे के परस्पर संबंधित होते हैं, अर्थात स्वास्थ्य और स्वच्छता का गहरा संबंध होता है। यदि हमारे आसपास का वातावरण स्वच्छ होगा तभी हम सभी स्वस्थ रह सकेंगे क्योंकि गंदगी के कारण हमेशा विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होती हैं जो हम सभी मानव और जीव-जंतुओं के लिए घातक साबित हो सकती हैं।

स्वास्थ्य जीवन का सबसे बड़ा धन होता है, स्वच्छता के कारण हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है और शरीर में ताजगी रहती है। हम सभी को हमेशा स्वच्छता के लिए आसपास का सफाई रखना चाहिए और सरकार के द्वारा विभिन्न प्रकार के स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं जिनका पालन करना चाहिए।

वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए हमें कूड़े कचरे को इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए उसका उचित निपटान करना चाहिए, और विभिन्न प्रकार के गंदगी से भी बचना चाहिए तथा अपने आसपास पानी को भी एकत्रित नहीं होने देना चाहिए।

पानी के एकत्रित होने से पानी में मच्छर और विभिन्न प्रकार के छोटे जीव जंतु इकट्ठे हो जाते हैं, हमें प्रदूषण नहीं फैलाना चाहिए क्योंकि इससे हमारे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और हम प्रदूषण के कारण बुरी तरह से बीमारियों से ग्रसित भी हो सकते हैं।

हम सभी को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना चाहिए क्योंकि स्वच्छता ही हमारे अच्छे स्वास्थ्य की अहम हिस्सा हैं क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है जो हम सभी के लिए बहुत जरूरी और आवश्यक होता है।

स्वच्छता हमें अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करता है और हमें कई प्रकार के बीमारियों से भी बचाता है तथा हमें हमेशा सक्रिय बनाता है जिससे हम कार्य कर पाते हैं, यदि हम सभी अपने वातावरण में स्वच्छता रखते हैं तो हमारा शरीर नियमित रूप से स्वस्थ रहता है ।

हम सभी को अपने आसपास की सफाई रखने के लिए नियमित रूप से घर और बाहर के वातावरण को शुद्ध रखना चाहिए तथा मोहल्ले में भी सफाई रखना चाहिए और इनके अलावा अपने शरीर को भी स्वच्छ रखना बहुत जरूरी है। हमारे वातावरण की स्वच्छता जितनी अधिक होगी हमारा शरीर उतना ही तंदुरुस्त और स्वस्थ होगा।

हमारे स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए सरकार के द्वारा स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है जिससे हम सभी अपने आसपास की सफाई रखें और स्वस्थ रह सकें, हमें सरकार के द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की ओर अग्रसर रहना चाहिए और इसके प्रति लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।

स्वच्छ वातावरण से लाभ

स्वच्छ वातावरण से हमें स्वच्छ वायु मिलता है जो हम सभी के लिए बहुत जरूरी होता है, हम सभी को स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता होती है तथा स्वच्छ वातावरण से हमें शुद्ध ऑक्सीजन और विभिन्न प्रकार का लाभ मिलता है।

स्वच्छ वातावरण में हम आनंद प्राप्त कर सकते हैं तथा स्वच्छ वातावरण से हमें शांति की भी प्राप्ति होती है और हम सभी स्वच्छ वातावरण होने के कारण अपने परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं और इससे हमारा तनाव भी दूर हो सकता है।

स्वास्थ्य हम सभी का सबसे बड़ा उपहार होता है और संतुष्टि हम सभी की सबसे बड़ी संपत्ति होती है इसलिए हमें अपने दिमाग को स्वस्थ रखना चाहिए जिससे हम अपने साथ-साथ दूसरों को भी स्वस्थ रख सकते हैं, यदि हम सभी का दिमाग शांत रहेगा तो हम किसी भी व्यक्ति से शांतिपूर्ण व्यवहार कर सकते हैं।

स्वास्थ्य पर महात्मा गांधी जी का विचार

महात्मा गांधी जी स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन कहते थे क्योंकि सोने चांदी के टुकड़े की आवश्यकता जितनी नहीं होती उतनी अच्छे स्वास्थ्य और अच्छी आदतों की होती है। यदि हम बीमारियों से बचना चाहते हैं और विभिन्न प्रकार के संक्रमण को रोकना चाहते हैं तो हमें इसके लिए स्वच्छता को कायम करना होगा।

अर्थात बीमारी और संक्रमण को स्वच्छता से कम किया जा सकता है, इसलिए स्वास्थ्य और स्वच्छता का गहरा संबंध होता है इन दोनों से हम हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं इसके लिए हमें वातावरण की सफाई रखनी होगी।

स्वच्छता के स्रोत

स्वच्छ जल हम सभी के स्वास्थ्य रहने में बहुत अच्छा स्रोत साबित हो सकता है, स्वच्छ जल अच्छे स्वास्थ्य और स्वच्छता का प्रमुख स्रोत है इसलिए हमें जल स्रोतों को स्वच्छ रखना चाहिए क्योंकि यदि पानी में प्रदूषण हो जाए तो पानी अशुद्ध हो जाता है और अशुद्ध पानी पीकर हम बीमार हो सकते हैं।

गांव में अधिकतर लोगों के द्वारा तालाब और नदियों में स्नान किया जाता है तथा मवेशियों को भी स्नान कराया जाता है और मनुष्यों के द्वारा तालाब और नदियों में कपड़ा धोया जाता है और इनके अलावा सभी कार्यों को किया जाता है जिससे हमारा पेयजल अशुद्ध हो जाता है,

अशोक जल हमारे पीने योग्य नहीं रहता क्योंकि इससे हमें विभिन्न प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं जो हमारे सेहत के लिए बहुत घातक होती हैं, पानी में बहुत सारे सूक्ष्मजीव मिल जाते हैं इसलिए ऐसे स्थान के पानी को उबालकर पीना चाहिए क्योंकि पानी को उबालने से इसमें जो कीटाणु रहते हैं वे सभी मर जाते हैं और हमारा पानी पीने योग्य बन जाता है।

स्वस्थ रहने के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है अर्थात संतुलित और पौष्टिक भोजन स्वच्छता के स्रोत होते हैं। यदि हम सभी अपने जीवन को संभव और स्वस्थ बनाना चाहते हैं तो हमें इसके लिए पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए।

भोजन हमारे शरीर को शक्ति देता है और प्रत्येक मनुष्य को जीवन जीने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है इसलिए हमें अपने भोजन में पौष्टिक भोजन को शामिल करना चाहिए जो हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करें, दूध हमारे लिए सबसे ज्यादा पौष्टिक होता है इससे हमें बहुत ज्यादा ऊर्जा मिलता है।

हमें बासी भोजन और ज्यादा भोजन करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे हमारा शरीर बीमार हो जाता है और जब भी कोई बीमारी या महामारी फैलती है तो हमें उस वक्त भोजन के बारे में ध्यान रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि पौष्टिक भोजन खाने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

उपसंहार

स्वच्छता हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक होता है, इसलिए हमें हमेशा अपने आसपास के स्थानों को स्वच्छ रखना चाहिए और नियमित रूप से साफ सफाई करना चाहिए तथा अपने आसपास के स्थानों को साफ सफाई करने के साथ-साथ अपने शरीर को भी स्वच्छ रखना चाहिए।

यदि हम अपने शरीर को स्वच्छ नहीं रखते हैं तो हमें विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं इसलिए हमें हमेशा स्वच्छता पर ध्यान रखना चाहिए और स्वच्छता का प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है इसलिए हमें स्वच्छता की ओर जागरूक होना चाहिए तथा लोगों को भी जागरूक करना चाहिए इससे हम अपने आसपास को स्वच्छ रख सकते हैं।

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स्वास्थ्य और स्वच्छता पर निबंध 2

प्रस्तावना

भारत सरकार के द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जाता है जिसका उद्देश्य देश को साफ बनाना है और देश साफ रहेगा तो हमारे देश में बीमारी भी उत्पन्न नहीं होगा जिससे हम सभी का स्वास्थ्य स्वस्थ, अच्छा तथा बीमारियों से दूर रहेगा। आप सभी ने देखा होगा हमारे देश में किस प्रकार से कोरोनावायरस फैल गया था जिसके कारण हमारे देश के कई लोगों की जान भी चली गई।

हमें विभिन्न प्रकार के संक्रमण को रोकने के लिए स्वच्छता बनाए रखना बहुत जरूरी है क्योंकि स्वच्छता ही हमारे शरीर को स्वस्थ बनाता है तथा हमें विभिन्न प्रकार की बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।

हमें स्वस्थ रहने के लिए हमारे पर्यावरण को भी स्वच्छ रहना बहुत आवश्यक है और पर्यावरण स्वच्छता भी रह सकता है जब हम गंदगी को बाहर नहीं फैलाएंगे तथा कूड़े कचरे को डस्टबिन में डालेंगे और जगह जगह पर कूड़े कचरे नहीं फेकेंगे, हम अपने आसपास के वातावरण और अपने शरीर को स्वच्छ रखकर अपने जीवन में स्वस्थ रह सकते हैं।

यदि हम सभी पर्यावरण का देखभाल करते हैं तो हम सभी स्वच्छ और स्वस्थ रह सकते हैं परंतु आज के समय में लोगों के द्वारा जगह-जगह कचरे का ढेर फैलाया जा रहा है जो हम सभी के जीवन को खतरे में डाल रहा है अर्थात इन सभी कूड़े कचरे के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो रही है।

हम सभी को अपने पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखना चाहिए तथा गंदगी से दूर रखना चाहिए जिससे हमारे पर्यावरण की स्वच्छता बनी रहती है और पर्यावरण की स्वच्छता के लिए हमें व्यक्तिगत स्तर पर कार्य करना चाहिए क्योंकि स्वच्छता के कारण ही हमारा शरीर स्वस्थ रह पाता है।

उपसंहार

हमें विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए सबसे पहले व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए, यदि हम अपने शरीर की स्वच्छता रखते हैं तो हम विभिन्न प्रकार के बीमारियों से संक्रमित होने से बच सकते हैं, तथा हमें वातावरण की भी साफ सफाई रखनी चाहिए और लोगों के द्वारा बाहर कूड़े कचरे फेंकने पर मना करना चाहिए।

सभी लोगों को गंदगी के कारण होने वाले बीमारियों से परिचित कराना चाहिए तथा गंदगी होने से जो हमारे शरीर को नुकसान होता है इन सभी के बारे में भी लोगों को अवगत कराना चाहिए और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना चाहिए, ताकि लोगों में जागरूकता आ सके और लोग स्वच्छता पर ध्यान दे सकें।

हम सभी को अपने पर्यावरण और स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए और इसके लिए हमें प्रदूषण रहित तरीके को अपनाना चाहिए तथा सभी लोगों को व्यक्तिगत और पर्यावरण स्वच्छता को बढ़ावा देना चाहिए जिससे हमारे शरीर और पर्यावरण दोनों की स्वच्छता बनी रहेगी।

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निष्कर्ष

उम्मीद है दोस्तों आप सभी को हमारा लेख पसंद आया होगा, और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी भी साबित हुआ होगा यदि आप सभी को हमारा यह लेख पसंद आए तो आप इसे अपने दोस्तों को भी शेयर करें।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए किन आदतों को अपनाने चाहिए?

अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमें पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है इसलिए हमें नियमित रूप से अपने भोजन में पौष्टिक भोजन को शामिल, तथा हमें हमेशा स्वच्छ और स्वस्थ रहने के लिए गंदगी से दूर रहना चाहिए और शुद्ध जल पीना चाहिए हम इन सभी आदतों को अपनाकर स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।

स्वच्छता का महत्व बताइए ?

स्वछता हमारे आसपास के वातावरण और जीवन को स्वस्थ रखता है, इसलिए हमें व्यक्तिगत रूप से आसपास की सफाई करनी चाहिए और स्वच्छता से बीमारियों से भी दूर रह सकते हैं इसलिए स्वच्छता का हम सभी के जीवन में बहुत महत्व है।

स्वच्छता के लाभ बताइए?

स्वच्छता से हम अपने घर का वातावरण इस प्रकार से बना सकते हैं कि हमारे घर के आस-पास बीमारियां उत्पन्न नहीं होंगी और लोगों को विभिन्न प्रकार के बीमारियों का सामना करना नहीं पड़ेगा तथा हम सभी अपने स्वास्थ्य को भी बीमारियों से मुक्त कर सकते हैं।

स्वच्छता क्या है ?

स्वच्छता का अर्थ अत्यंत साफ, विशुद्ध, उज्जवल और स्वस्थ होता है अर्थात स्वच्छता का अर्थ है सभी प्रकार के साफ-सफाई और निर्मलता एवं पवित्रता से होता है। स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए बहुत आवश्यक होता है।

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