शिक्षा में खेलों का महत्व पर निबंध | Essay on Importance of Sports in Education in Hindi

स्वागत है दोस्तों आपका अपने वेबसाइट में, आज के आर्टिकल में हम आपको शिक्षा में खेलों का महत्व पर निबंध बताने वाले हैं, अगर आपको भी शिक्षा में खेलों के महत्व के बारे में समझना है या निबंध लेखन तैयार करना है तो हमारे इस पोस्ट को पढ़कर आप अच्छे से निबंध लेखन कार्य कर सकते हैं।

शिक्षा का अर्थ केवल पुस्तकों का ज्ञान अर्जित करना ही नहीं होता है, बल्कि शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति के शारीरिक विकास और उसके साथ -साथ मानसिक विकास का भी ध्यान देना होता है। जिस प्रकार हमारे लिए शिक्षा का महत्व होता है उसी प्रकार शिक्षा में खेलों का भी महत्व होता है, अच्छे स्वास्थ्य के लिए खेल कूद महत्वपूर्ण होता है, शिक्षा से बुद्धि, ज्ञान का विकास होता है वही खेलों से हमारा शरीर स्वस्थ और तंदुरुस्त रहता है।

खेल हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है, मानसिक रूप से शांति प्रदान करता है, जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा और खेल दोनों का महत्व होता है। हम सभी के लिए शिक्षा तथा खेल दोनों आवश्यक होता है, शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद भी आवश्यक होता है क्योंकि खेलकूद से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

शिक्षा में खेलों का महत्व पर निबंध 1

प्रस्तावना:-

शिक्षा और खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग होता है, स्वस्थ रहने के लिए खेलों को खेलना बहुत आवश्यक होता है, उसी तरह ज्ञान अर्जित करने के लिए शिक्षा का महत्व होता है अर्थात हमारे जीवन में शिक्षा और खेल दोनों का महत्व होता है। खेलकूद से हमारे शरीर का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। जिस प्रकार हमें जिंदा रहने के लिए हवा, पानी और भोजन की आवश्यक होती है उसी तरह स्वस्थ रहने के लिए खेलकूद की आवश्यक होती है।

हमारे जीवन में मस्तिष्क के साथ-साथ शारीरिक शक्ति का भी विकास होना आवश्यक है अर्थात मस्तिष्क के विकास के लिए जहां शिक्षा की आवश्यकता होती है वही शारीरिक रूप से स्वस्थ रहनेके लिए खेल की आवश्यकता भी होती है।

विद्यार्थियों तथा हम सभी को जीवन में शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद को भी शामिल करना चाहिए, खेल से केवल शरीर का ही नहीं बल्कि मस्तिष्क और मन का भी विकास होता हैं, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही सुंदर और स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।

शिक्षा और खेल कूद दोनों ही हमारे जीवन में एक दूसरे के बिना अपंग होते हैं, अर्थात शिक्षा और खेल एक दूसरे के पूरक होते हैं शिक्षा के बिना खेलकूद का कोई महत्व नहीं होता और खेलकूद के बिना शिक्षा का कोई महत्व नहीं होता है।

जीवन में सफल होने के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेल भी आवश्यक होता है, अर्थात शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी कुशल होना आवश्यक होता है तभी हम अपने जीवन में स्वस्थ और कुशल रह सकते हैं।

हमें जीवन में शिक्षा के साथ खेलों के प्रति भी रुचि रखना चाहिए, शिक्षा के साथ खेलकूद को भी शामिल करना चाहिए। अच्छी शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास करना है, खेलकूद शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है।

शिक्षा में खेलों का महत्व:-

मनुष्य के व्यक्तित्व के निर्माण के लिए अच्छे शिक्षा के साथ ही खेल का समावेश होना भी आवश्यक है। खेल हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाते हैं, नियमित रूप से खेल खेलने पर हमारा शरीर स्वस्थ और फुर्तीला रहता है।

सर्वांगीण विकास के लिए शारीरिक विकास होना आवश्यक है और शारीरिक विकास के लिए खेल कूद और व्यायाम का विशेष महत्व है, शिक्षा के अन्य क्षेत्रों में भी खेलकूद की बहुत उपयोगिता होती है। जैसे,देश की रक्षा के लिए सेना को योग्य व शक्तिशाली युवाओं की आवश्यकता होती है।

खेल और शिक्षा का अनिवार्य संबंध होता है, शिक्षा यदि मनुष्य का सर्वांगीण विकास करती है तो उसका विकास शारीरिक विकास पर और खेलकूद के द्वारा ही संभव होता है, इसलिए शिक्षा के साथ खेलकूद को भी जीवन में शामिल करना चाहिए।

खेलकूद और शिक्षा:-

शिक्षा के साथ-साथ खेल कूद और व्यायाम की शिक्षा भी अनिवार्य रूप से आवश्यक होती है, विद्यालयों में व्यायाम शिक्षक, स्काउट मास्टर आदि शिक्षकों की नियुक्ति इसीलिए की जाती है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद में भी भाग ले सकें और अपने स्वास्थ्य को स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाए रखें, खेलों से हमारे चरित्र का निर्माण होता है, इससे हममें अपनी नेतृत्व कला के गुणों का विकास भी होता है।

कार्यक्षमता में वृद्धि:-

स्वस्थ, प्रसन्न, तंदुरुस्त और फुर्तीला रहने के लिए शारीरिक शक्ति का विकास होना आवश्यक है, जिससे मानसिक और आत्मिक विकास संभव होता है। शरीर का विकास खेलकूद पर निर्भर करता है, खेलकूद करने से शरीर का व्यायाम भी होता है जिससे मानसिक रूप से तनाव कम होता है तथा हमें कार्य करने में आलस्य का अनुभव नहीं होता है।

उपसंहार:-

आजकल विद्यालयों में खेलकूद को प्राथमिकता कम दिया जा रहा है, केवल वही विद्यार्थी खेल के मैदान में जाते हैं जिन्हें खेल में विशेष रूचि होता है। प्रत्येक विद्यालय में ऐसी खेलों का प्रबंध होना चाहिए जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी भाग लेकर अपना शारीरिक तथा मानसिक विकास कर सकें,

हम सभी को जीवन में शिक्षा के साथ-साथ खेलों के प्रति भी रुचि रखना चाहिए, और सभी शिक्षण संस्थानों को शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न खेलों कीव्यवस्था करनी चाहिए।

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शिक्षा में खेलों का महत्व पर निबंध 2

प्रस्तावना:-

हमारे जीवन में विकास के लिए शिक्षा सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है, शिक्षा ही हमारे मस्तिष्क का विकास करती है तथा हमें स्वस्थ बनाती हैं, साथ‌ ही शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हमें खेल कूद और व्यायाम को भी सामिल करना चाहिए। हमारे जीवन में शिक्षा के साथ खेलों का भी बहुत महत्व होता है। हम सभी को खेलों के प्रति रुचि रखना चाहिए।

सभी विद्यार्थियों को खेल में भाग लेना चाहिए, क्योंकि खेलकूद हमारे शरीर के लिए व्यायाम होता है जिससे हमारा शरीर मजबूत और स्वस्थ रहता है।

खेलों में भाग लेने वाले विद्यार्थी खेल के मैदान में अनेक शिक्षा ग्रहण करते है, खेल विद्यार्थी को तनाव से मुक्त करता है, साथ ही उनके थकावट को भी दूर करता हैं। विद्यार्थी खेलकूद करके चुस्ती और ताजगी अनुभव करते हैं।

सहयोग की भावना:-

खेल में भाग लेने वाले विद्यार्थी खेल के मैदान में अनेक शिक्षा ग्रहण करते हैं ।खेलों के माध्यम से मिलजुल कर काम करने की शिक्षा पैदा होती है, तथा विद्यार्थियों में अनुशासन की भावना भी जागृत होती है।

शिक्षा में खेलों का महत्व:-

खेलकूद अच्छे स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए उपयोगी होते हैं, खेलकूद से सामंजस्य की क्षमता का विकास होता है, खेलकूद करने वाले विद्यार्थी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और तंदुरुस्त रहते हैं, उनके शारीरिक शक्ति में वृद्धि होने लगती है और शरीर में रक्त प्रवाह सुचारू रूप से चलते रहता है।

खेल से मस्तिष्क और बुद्धि का तीव्र विकास होता है, हमेशा पढ़ने वाले विद्यार्थियों को तनाव होने लगती हैं, ऐसे में खेलकूद ही उन विद्यार्थियों को तनाव मुक्त कर सकते हैं। सभी विद्यार्थियों को खेलकूद और शिक्षा को एक दूसरे से अलग नहीं करना चाहिए।सभी विद्यार्थियों को खेलकूद की ओर अग्रसर होना चाहिए जिससे उनका शारीरिक और मानसिक संतुलन बना रहे और विद्यार्थी स्वस्थ रहें।

स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है, अर्थात शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए ध्यान तथा खेलकूद आवश्यक होता है। खेलकूद से विद्यार्थी स्वस्थ रहने के साथ ही मनोरंजन का आनंद भी ले सकता है।

खेलों की उपयोगिता:-

जिस तरह से हमें जीवित रहने के लिए, भोजन, जल और हवा की आवश्यकता होती है उसी तरह से हमें स्वस्थ रहने के लिए खेल और व्यायाम के आवश्यकता होती है। खेल मानव जीवन में साहस, उत्साह और धैर्य उत्पन्न करता है।

शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करना होता है, जीवन में संतुलन लाने के लिए यह आवश्यक है कि विद्यार्थी खेल में भाग ले, खेलकूद से विद्यार्थी स्वस्थ और तनाव से मुक्त रहते हैं। खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग होता है, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल तथा व्यायाम प्रमुख साधन है।

खेल हमारे शरीर को तंदुरुस्त तथा मन को स्वस्थ तनाव मुक्त बनाए रखता है, खेल किसी भी प्रकार का हो जब हम उछल कूद करते हैं तो हमारे शरीर की मांसपेशियां और हड्डियां मज़बूत हो जाती हैं और शरीर में रक्त का संचार सुचारू रूप से होने लगता है जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

शिक्षा और खेल का संबंध:-

शिक्षा और खेल एक सिक्के के दो पहलू हैं, शिक्षा के बिना खेलकूद अधूरा रहता है और खेलकूद के बिना शिक्षा अधूरा रहता है इसलिए शिक्षा और खेल दोनों का होना आवश्यक होता है। शरीर को स्फूर्ति दायक और मन को प्रसन्न बनाने के लिए जो कार्य किया जाता है उन्हें हम खेलकूद या व्यायाम कहते हैं, खेल कूद और व्यायाम से शरीर में तीव्र गति से रक्त संचार होता है।

शिक्षा में खेल एवं व्यायाम का महत्व:-

शिक्षा का अर्थ केवल मानसिक विकास से ही नहीं है बल्कि शारीरिक, चारित्रिक और आध्यात्मिक विकास अर्थात सर्वांगीण विकास से है। सर्वांगीण विकास के लिए शारीरिक विकास आवश्यक है और शारीरिक विकास के लिए खेल कूद एवं व्यायाम का विशेष महत्व होता है।

शिक्षा में व्यायाम और खेल कूद का महत्वपूर्ण स्थान होता है, विद्यार्थी खेल कूद और व्यायाम से स्वस्थ, स्फूर्ति और ताजगी अनुभव करते हैं। हमें पढ़ाई के समय खेलकूद से दूर रहना चाहिए और खेल के समय प्रत्येक दृष्टि से चिंता रहित होकर केवल खेलना ही चाहिए।

उपसंहार:-

व्यायाम और खेलकूद से शरीर में शक्ति का संचार होता है, जीवन में ताजगी और स्फूर्ति मिलती हैं। खेल और शिक्षा दोनों ही हमारे जीवन में लाभप्रद होता है, सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में शिक्षा के साथ खेल को महत्व देना चाहिए, तथा सभी माता-पिता को अपने बच्चों को खेल के प्रति जागरूक करना चाहिए।

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अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

शरीर के अंगों के विकास के लिए कौन सी शिक्षा महत्वपूर्ण है?

शारीरिक शिक्षा

शरीर में शक्ति का संचार कैसे होता है?

व्यायाम और खेलकूद

किसके बिना खेलकूद अधूरा रहता है?

शिक्षा

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