नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है हमारे वेबसाइट में, आज के लेख में हम आपके लिए विस्मयादिबोधक अव्यय की परिभाषा, भेद और उदाहरण लेकर आए हैं। आप इस लेख को पढ़कर विस्मयादिबोधक किसे कहा जाता है और इसके उदाहरण क्या होते हैं तथा इसके कितने भेद हैं इन सभी के बारे में जान सकते हैं।
विस्मयादिबोधक सभी को पढ़ना होता है हिंदी में व्याकरण में विस्मयादिबोधक दिया जाता है जिसका प्रयोग हम सभी हिंदी पढ़ते समय करते हैं, विस्मयादिबोधक से संबंधित प्रश्न सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं, अर्थात विस्मयादिबोधक अव्यय सभी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। आप सभी विद्यार्थी इस लेख को पढ़कर विस्मयादिबोधक के बारे में समझ सकते हैं और समझकर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने पर आसानी से उत्तर दे सकते हैं।
विस्मयादिबोधक अव्यय
जब हम किसी वाक्य को पढ़ते हैं और उस वाक्य में पाए जाने वाले शब्दों में यदि आश्चर्य, हर्ष या खुशी, शोक तथा क्रोध जैसे भाव उत्पन्न होते हैं , इन्हें ही विस्मयादिबोधक कहा जाता है। जब इस प्रकार के शब्द वाक्य में पाए जाते हैं तो उन शब्दों के बाद में विस्मयादिबोधक चिन्ह (! ) लगाया जाता है।
विस्मयादिबोधक की परिभाषा
“वह अव्यय शब्द जिनका वाक्य से कोई संबंध नहीं होता है परंतु वह वक्ता के शोक, हर्ष, आश्चर्य तिरस्कार आदि भावों को सूचित करते हैं, विस्मयादिबोधक अव्यय शब्द कहलाते हैं।”जैसे- वाह! खाना बहुत स्वादिष्ट है। वाह! कितना सुंदर नजारा है।
विस्मयादिबोधक में आश्चर्य के लिए इस प्रकार के अव्यय शब्द प्रयोग किए जाते हैं जैसे वाह!, ओहो!, यह क्या!, क्या! आदि इसी तरह के कई विभिन्न विस्मयादिबोधक अव्यय हैं जिनका प्रयोग शोक , खुशी, तिरस्कार आदि के लिए किया जाता है।
जब किसी व्यक्ति के संबोधन के रूप में कोई विस्मयादिबोधक अव्यय प्रयोग में लाया जाता है तो उस समय अरे!, हे मित्र!, अरे तुम क्या कर रहे हो! आदि शब्दों को प्रयोग में लाया जाता है। हर्ष बोधक के रूप में वाह!, आह!, शाबाश!, अति सुंदर!, अति उत्तम! आदि का प्रयोग किया जाता है।
विस्मयादिबोधक अव्यय का प्रयोग मनोभावों को तीव्र रूप से व्यक्त करने के लिए भी किया जाता है, जब भागों का संबंध वाक्य के किसी विशेष पद से नहीं होता है तभी विस्मयादिबोधक अव्यय कहते हैं।
उदाहरण
वाह! कितना सुंदर कुत्ता है।
अरे !तुम कहां जा रहे हो।
शाबाश! ऐसे ही सफलता प्राप्त करते रहो।
छी ! वह कितनी गंदी लड़की है।
छी! कितना गंदा बदबू आ रहा है।
अगर हिंदी व्याकरण में देखा जाए तो विस्मयादिबोधक अव्यय का कोई विशेष महत्व नहीं होता है और ना ही विस्मयादिबोधक अव्यय शब्द या वाक्यों के निर्माण में विशेष सहायता मिलती है। विस्मयादिबोधक अव्यय का प्रयोग किसी भी प्रकार के मनोभाव को तीव्र रूप से प्रकट करने के लिए किया जाता है। जैसे आज का नजारा बहुत खूबसूरत है, वाह ! क्या मौसम है।
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विस्मयादिबोधक अव्यय के भेद या प्रकार
विस्मयादिबोधक अव्यय के कुल 11 भेद होते हैं जो निम्न प्रकार से हैं-
1. हर्ष बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय
हर्ष बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय वह अव्यय शब्द है जिससे भाव में उत्तेजक का बोध होता है अर्थात भावना में उत्तेजना आती है, हर्ष बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय कहलाता है। हर्ष बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय का प्रयोग जब व्यक्ति खुश होता है तो अपने खुशियों को जाहिर करने के लिए इसका प्रयोग करता है। जैसे -जब व्यक्ति किसी स्वादिष्ट खाने को खाता है तो वह उसकी तारीफ करते समय वाह-वाह! कहता है। इसी प्रकार जब किसी व्यक्ति को कोई वस्तु बहुत अच्छी लगती है तो वह अति सुंदर!, अति उत्तम ! आदि कहता है।
हर्ष बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय को इस प्रकार से भी समझा जा सकता है- जब कोई बच्चा किसी कक्षा में बहुत अच्छे नंबर से पास होता है तो उसके पिता को बहुत खुशी होती है और पिता खुश होकर कहता है-शाबाश! तुमने आज मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
2. शोक बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय
शोक बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय दया, करुणा , शोक की भावना का बोध करता है। जब व्यक्ति किसी व्यक्ति के दुखी के भावनाओं को किसी अन्य व्यक्ति के साथ व्यक्त करता है तो वह ओह! जैसे विस्मयादिबोधक अव्यय का प्रयोग करता है। शोक बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय में उफ!, हाय!, आदि का प्रयोग किया जाता है।
इस प्रकार के विस्मयादिबोधक अव्यय में हे राम! यह क्या हो गया।
उफ! यह तूमनें क्या कर दिया।
हे राम! राहुल के पिता बचपन में ही चल बसे।
3. विस्मय बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय
वह अव्यय शब्द जिससे आश्चर्य की भावना का बोध होता है ,आश्चर्य बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय या विस्मय बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय कहलाता है।
वाह! कितना सुंदर दृश्य है।
ओहो! सारा काम बिगड़ गया।
जब इस प्रकार के विस्मयादिबोधक अव्यय प्रयोग में लाए जाते हैं तो यह विस्मय में बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय कहलाते हैं।
4. तिरस्कार बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय
तिरस्कार बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय वह अव्यय शब्द होते हैं, जिससे तिरस्कार और अपमान भावना का बोध होता है। अर्थात जब किसी व्यक्ति के अपमान के लिए विस्मयादिबोधक अव्यय प्रयोग में लाए जाते हैं उस समय तिरस्कार बोधक अव्यय शब्द इस प्रकार से होते हैं। जैसे – हां!, बहुत अच्छा!,बेशक! आदि के प्रयोग किए जाते हैं।
जब कोई व्यक्ति किसी का अपमान करता है तो वह उस समय छी! आपकी कितनी गंदी सोच है, इस तरह से तिरस्कार बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय प्रयोग में लाता है।
5. पुष्टिकरण विस्मयादिबोधक अव्यय
वह अव्यय शब्द जो पुष्टिकरण की भावना को व्यक्त करने के लिए प्रयोग की जाती है, पुष्टिकरण विस्मयादिबोधक अव्यय कहलाती है। जैसे – बेशक ! आप पानी पी सकते हैं।
बहुत अच्छा! मुझे आप पर विश्वास है।
हां! बेशक आपकी जीत होगी।
जी हां बेशक! आप खाना खा सकते हैं।
6. जुड़क विस्मयादिबोधक अव्यय
इस प्रकार के विस्मयादिबोधक अव्यय, के संबोधन बोधक हो!, अरे रे रे!, अरे!, हेलो!, ऐ! आदि के रूप में प्रयोग में लाए जाते हैं।
जब कोई व्यक्ति कहीं जा रहा होता है उस समय यदि कोई दूसरा व्यक्ति उसे अजी कहां जा रहे हो कहता है उस समय! इस प्रकार के विस्मयादिबोधक अव्यय का प्रयोग करता है।
जैसे – अजी !कहां जा रहे हो?
अरे! मेरी बातों को सुनो।
नमस्कार! आप कौन हैं?
हेलो !आप कहां से बोल रहे हैं?
7. स्वीकृति बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय
इस प्रकार के विस्मयादिबोधक अव्यय शब्द में, अच्छा!, ठीक!, हां!, जी हां!, बहुत अच्छा!, जी! का प्रयोग किया जाता है।
स्वीकृति बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय के रूप में, अच्छा! यहां आना मना है, जी हां! मैं ही श्याम हूं। आदि अव्यय शब्द प्रयोग में लाए जाते हैं।
8. भय बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय
भय बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय में हाय राम! अब हमारा क्या होगा?, बाप रे बाप! साक्षात्कार भगवान प्रकट हो गए, अरे! बचाओ कोई , आदि भय बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय होते हैं।
इसी प्रकार के कई और भी भेद होते हैं, जिनका प्रयोग भिन्न-भिन्न परिस्थितियों के अनुसार किया जाता है। जैसे
9. आशीर्वाद बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय
10. विदास बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय
11. विवशता बोधक विस्मयादिबोधक अव्यय
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निष्कर्ष
आशा है यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपके लिए उपयोगी तथा महत्वपूर्ण होगा। अगर आपको इस लेख में लिखी गई जानकारी पसंद आती है तो आप इस लेख को अपने दोस्तों को भी शेयर करें।

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अमृत यादव है और पेशे से मैं एक ब्लॉगर और लेखक हूं, जो लेख आप अभी पढ़ रहे हैं वह मेरे द्वारा लिखा गया है, मैं अभी बीकॉम फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा हूं।